यूरोपीय संघ यूरोप के देशों का संगठन है जिसमें यूरोप के कई सारेेे देश सम्मिलित है जैसे ब्रिटेन , फ्रांस, पुर्तगाल, स्पेन, जर्मनी, डेनमार्क, स्वीडन, बेल्जियम आदि हैै
यूरोपीय संघ की स्थापना 1992 में हुई। यूरोपीय संघ पहले आर्थिक सहयोग वाली संस्था था। अब उसने राजनीतिक संस्था का रूप लेे लिया है। यूरोपीय संघ के पास अपना झंडा ,अपना राष्ट्रगान तथा स्थापना दिवस और उसके साथ उसकी अपनी मुद्रा भी है जिसका नाम यूरो है ।
जून 1979 में यूरोपीयन पार्लियामेंट के गठन के बाद यूरोपीय आर्थिक समुदाय ने राजनीतिक स्वरूप लिया ।
European Union and India
यूरोपीय संघ के गठन के उद्देश्य
1 यूरोपीय संघ का उद्देश्य है की यूरोप के सभी देशों में एक समान विदेश नीति व सुरक्षा नीति अपनाई जाए ।
2 यूरोप के सभी देशों में आंतरिक मामलों को लेकर तथा न्याय से जुड़े मामलों को लेकर उन पर आपस में सहयोग।
2 यूरोपीय संघ एक विशाल राष्ट्र के तौर पर काम करता है
3 यूरोपीय संघ का अपना झंडा, राष्ट्रगान तथा स्थापना दिवस है
4 यूरोपीय संघ के पास अपनी मुद्रा यूरो है
5 यूरोपीय संघ यूरोप के देशों के बीच एक समान विदेश नीति तथा रक्षा नीति बनाने का काम का करता है
6 यूरोपीय संघ पहले आर्थिक संस्था थी जिसने अब राजनीतिक संस्था का रूप ले लिया
7 यूरोपीय संघ के झंडे में 12 सितारों का घेरा है जो उनकी एकता और मेलमिलाप का प्रतीक है
8 यूरोपीय संघ के पास विश्व की दूसरी सबसे बड़ी सेना है
9 यूरोपीय संघ की मुद्रा यूरो, अमेरिकी डॉलर के लिए खतरा बनी है
10 वर्तमान में यूरोपीय संघ के सदस्य देश 28 है।
यूरोपीय संघ को ताकतवर बनाने वाले कारक
1 यूरोपीय संघ का जबरदस्त आर्थिक, राजनीतिक, कूटनीतिक तथा सैनिक प्रभाव है
2 यूरोपीय संघ 2005 में विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी तथा इसका सकल घरेलू उत्पाद अमेरिका से भी ज्यादा है और इसका सकल घरेलू उत्पाद 2005 में 12000 अरब डॉलर से भी अधिक था।
3 यूरोपीय संघ की मुद्रा यूरो अमेरिकी डॉलर के लिए खतरा बनी हुई है।
4 विश्व व्यापार संगठन में यूरोपीय संघ की भागीदारी अमेरिका से तीन गुनी अधिक है
5 यूरोपीय संघ इसी कारण अमेरिका और चीन से व्यापारिक विवादों में धौंस के साथ बात करता है।
6 यूरोपीय संघ की आर्थिक शक्ति का प्रभाव यूरोप ,एशिया और अफ्रीका महाद्वीप के देशों पर देखने को मिलता है।
7 यूरोपीय संघ के 2 सदस्य देश (फ्रांस और ब्रिटेन) को यूएनओ की सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता मिल रखी है
8 फ्रांस और ब्रिटेन के पास वीटो पावर है इसी कारण यूरोपीय संघ अमेरिका समेत सभी राष्ट्र की नीतियों को प्रभावित कर सकता है ।
9 यूरोपीय संघ के 2 सदस्य देश फ्रांस और ब्रिटेन के पास परमाणु हथियार हैं ।
10 यूरोपीय संघ के कई सारे देशों को सुरक्षा परिषद में अस्थाई सदस्यता मिल रखी है ।
11 सैनिक शक्ति की बात करें तो यूरोपीय संघ के पास विश्व की दूसरी सबसे बड़ी सेना है तथा इसका कुल रक्षा बजट अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा है
12 यूरोपीय संघ के पास तकरीबन 550 परमाणु हथियार हैं
13 अंतरिक्ष और विज्ञान तथा संचार प्रौद्योगिकी के विषय में यूरोपीय संघ दूसरे स्थान पर आता है
यूरोपीय संघ की कमजोरियां ( कमियां ) :
यूरोपीय संघ का जबरदस्त आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक मामलों में काफी प्रभाव है लेकिन इसकी कुछ कमजोरियां भी जो निम्नलिखित है।
1 यूरोपीय संघ के सदस्य देशों की अपनी विदेश नीति और रक्षा नीति कई बार एक-दूसरे के खिलाफ हो जाती है
2 उदाहरण के लिए जब अमेरिका द्वारा इराक पर आक्रमण किया गया तो ब्रिटेन ने अमेरिका का साथ दिया परंतु जर्मनी और फ्रांस इस आक्रमण के विरोध में थे।
3 यूरोपीय संघ की मुद्रा को यूरोप के कुछ हिस्सों में लागू कराने को लेकर नाराजगी थी
4 डेनमार्क और स्वीडन दो ऐसे देश थे जिन्होंने मस्टि्रीट संधि तथा यूरोपीय मुद्रा यूरो को मानने से इनकार कर दिया।
5 यूरोपीय संघ के कई सारे सदस्य देश अमेरिका गठबंधन में थे।
2 टिप्पणियाँ
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